विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा उत्तराखंड स्थापना दिवस पर वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली ने की, संचालन समिति के सचिव दिव्यांशु नौटियाल ने कीया, और डॉ योगेश धस्माना जी ने बैठक में विशेषज्ञ के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ योगेश धस्माना जी ने राज्य के लिए हुए आंदोलन से लेकर वर्तमान में चल रही परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए बैठक का मार्गदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष व सचिव ने उनका आभार व्यक्त किया के उन्होंने अपने कीमती समय निकाल कर बैठक का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली, उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, आशुतोष लाम्बा, अविरल सक्सेना, राधिका धस्माना, तय्यबा प्रवीन, शीबा कुरैशी, मोहम्मदी, प्रियंका सिंह, रितिक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा उत्तराखंड स्थापना दिवस सप्ताह एवं कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें पद्म भूषण डॉ अनिल जोशी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री जगमोहन सिंह नेगी जी, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच, श्री गणेश बड़थ्वाल जी, पूर्व पार्षद, श्री योगेश धस्माना जी, पूर्व समन्वयक, खेल एवं युवा मंत्रालय, ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री अनिल जोशी जी ने मानवों द्वारा प्रर्यावरण की दुर्गती करने से लेकर कोरोना महामारी के आने तक का संक्षिप्त रूप में अपने विचार प्रकट किए, श्री जगमोहन सिंह नेगी जी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश डाला, श्री योगेश धस्माना जी ने कोरोना काल में कैसे लोग अपने पुराने आयुर्वेदिक सिद्धांतो को अपना रहे हैं। कार्यक्रम में १०१ कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक बड़थ्वाल जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली जी ने कोरोना काल में सतर्कता बरतने पर ज़ोर दिया और सबको बधाई दी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल जी ने समिति का विवरण दिया, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली,अविरल सक्सेना, राधिका धस्माना, शीबा कुरैशी, तयब्बा परवीन,  मोहम्मदी, अमन चौधरी, योगेश रावत, तनिष्क वेदवाल, रिशभ मेहरा, शशांक चौधरी, अंशुल रावत, आदित्य राणा आदि मौजूद रहे।

Address by Chief Guest,
Hon’ble Mr Justice Rajesh Tandon ji.
Senior Advocate,
Supreme Court of India
Former Judge Uttarakhand High Court
Addressed by Guest of Honour
Smt. Vijaya Barthwal ji
Chairman, State Women Commission, Uttarakhand
Addressed by Guest of Honour
Mr. Rajesh Bahuguna ji
Dean/Principal, Law College Dehradun, Uttranchal University
Addressed by Expert
Dr. Huma Saeed ji
Gynecologist
Address by Special Guest
Mrs. Shashya Mishra Bajpai ji
Asst. Professor
Amity Law School
Amity University Lucknow
Address by Special Guest
Pallavi Pratap ji
Advocate on Record
Supreme Court of India
Address by Special Guest
Mrs. Suman Tomar ji
President
Thakurpur Federation
Women Development Organisation

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित आज के प्रथम ई-संगोष्ठी जिसमें उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग और महिला विकास संगठन के अंतर्गत ठाकुर्पूर महासंघ एवं जे0सी0आई0 भरतपुर रोशनी की सहभागिता द्वारा आयाजित किया गया है जिसका विषय “भारत में मासिक धर्म की बहस” था।
कार्यक्रम में मुख्य अथिति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता माननीय न्यायाधीश श्री राजेश टनडन जी, विशिष्ट अतिथि लॉ कॉलेज देहरादून के डीन डा0 राजेश बहुगुणा जी, महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजय बर्थ्वाल जी प्रवक्ता डॉ0 हुमा सइद जी, माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता पल्लवि प्रताप जी, अमिटी लॉ कॉलेज की सहायक प्रोफेसर श्रीमती शश्या मिश्रा बाजपाई जी तथा महिला विकास संगठन के अन्तर्गत ठाकुरपूर फेडरेशन की अध्यक्ष श्रीमती सुमन तोमर जी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए न्यायधीश राजेश टंडन जी ने श्लोक से की ‘सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित् दुख भाव्ये:’ जिसका अर्थ यह है कि समाज में सब सुखी रहें निरोगी रहें स्वस्थ रहें। इसके पश्चात डॉ हुमा जी ने विस्तारपूर्वक सभी श्रोताओ को चिकित्सक शब्दो में समझाया। अधिवक्ता पल्लवि जी ने कहा कि कानून में जब भी कोई सामाजिक मुद्दे को लेकर बदलाव हो तो समाज के हर वर्ग से राई लेनी चाहिये, शश्या जी ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के साथ सम्बंधित बताया और अखिर में सुमन तोमर जी ने लॉक डाउन के अंतर्गत उनके द्वारा विभिन्न कार्य से सभी को प्रेरित किया और साथ ही सभी को भविष्य में ऐसे कार्य कर जरुरतमंदो की मदद करने को भी कहा। कार्यक्रम की शुरुआत श्री मौहम्मद राशिद अली द्वारा संस्था को सभी के समक्ष परिचित करके की गयी और श्री दिव्यांशु नौटियाल जी के द्वारा कुछ शब्दों के साथ कार्यक्रम की समाप्ती की गयी। इसके अलावा प्रतिभागियो की समस्याओं को सुना तथा उनका विवरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संचालन कु0 मोनिका मेगी, कु0 तयब्बा परवीन तथा कु0 राधिका धस्माना के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली , उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, तय्यबा प्रवीन, राधिका धस्माना, सृष्टि तोमर, शिवानी थापा, आशुतोष लाम्बा, प्रियंका सिंह, मोहम्मदी, शिबा, रिथिक अगर्वाल आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामजिक उत्थान समिति द्वारा कोरोना योद्धा सम्मान समारोह का जैन भवन में आयोजन संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर माननीय श्री न्यायधीश राजेश टंडन जी रहे और मानवाधिकार संगठन के चेयरमैन श्री सचिन जैन जी, मानवाधिकार संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधू जैन जी तथा श्री गणेश बर्थ्वाल पूर्व पार्षद जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कोरोना महामारी के दौरान समाज में सुव्यवस्था बनाए रखने में सुचारु रूप से समाज के कार्यो का निर्वाहन करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना था। मुख्य रूप से कार्यक्रम में कोरोना सेंटर में तैनात कर्मी, पुलिस कर्मी, आशा कार्यकतृ, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वॉलंटियर, आंगनवाड़ी कार्यकतृ, समाचार सम्पादक, नगर निगम सफाई करमचारी, राशन पूर्ति विभाग कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव श्री दिव्यांशु नौटियाल जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष श्री मोहम्मद राशिद अली, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, आशुतोष लाम्बा, सृष्टि तोमर, तय्यबा परवीन, शिवानी थापा, तानिया परवीन, विश्वंदेर नौटियाल आदि मौजूद रहे।

“Menstrual Debates in India: Still A Long Way To Go”

ORGANIZED BY

VIDHI SEVA EVAM SAMAJIK UTTHAN SAMITI

IN COLLABORATION WITH

STATE WOMEN COMMISSION, UTTARAKHAND,

SHILPI SWAM SAHAYTA SANGH SWAHAYAT SARHKARITA,
THAKURPUR FEDERATION (WOMEN’S DEVELOPMENT ORGANISATION)

&

JCI BHARATPUR ROSHNI

ABOUT UTTARAKHAND
Uttarakhand was formed on 9th November, 2000 as the 27th State of India, when it was carved out of northern Uttar Pradesh. Located at the foothills of the Himalayan mountain ranges, it is largely a hilly State, having international boundaries with China (Tibet) in the north and Nepal in the east. It is rich in natural resources especially water and forests with many glaciers, rivers, dense forests and revered Hindu temples of Badrinath, Kedarnath, Gangotri and Yamunotri are nestled in the mighty mountains.

ABOUT VIDHI SEVA EVAM SAMAJIK UTTHAN SAMITI
Vidhi Seva Evam Samajik Utthan Samiti is an NGO based in Uttarakhand, was founded in 2019 by an inspired groups of Students with the aim to spread awareness through outreach programs, seminars, conferences, etc. regarding legal rights, duties and government schemes in those areas where it is necessary and to help in providing assistance to the needy ones.

ABOUT STATE WOMEN COMMISSION, UTTARAKHAND
In purpose of the provisions of Clause (3) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the Uttarakhand State Commission for Women Act, 2005.

ABOUT SHILPI SWAM SAHAYTA SANGH SWAHAYAT SARHKARITA,
THAKURPUR FEDERATION (WOMEN’S DEVELOPMENT ORGANISATION)
Women’s Development Organization (WDO) was formed with prime objective to assist, encourage and to uplift rural & urban economically backward women from their welter of poverty that has still plagued them even after many years of independence. The main objectives of the Organization are to uplift economic and social standard of rural and weaker sections.

ABOUT JCI BHARATPUR ROSHNI
The mission of Junior Chamber International is to provide development opportunities that empower young people to create positive change. Its vision is to be the leading global network of young active citizens.

CONCEPT NOTE:
Vidhi Seva Evam Samajik Utthan Samiti is organizing a Virtual Seminar on the Topic “Menstrual Debates in India: Still a long way to go” with an agenda that “Shhh… talks not any more: let’s talk about Mensturation”. This Seminar is an attempt to bring individuals of varied fields on the Virtual Platform to disseminate the thoughts and knowledge in order to shape a strong and enabling environment for encouraging menstrual Debates in India.
Menstrual cycle is a natural process intrinsically linked with a woman’s body. Still many of us follow restrictions during our menstrual cycles, whether it’s in our homes, our relatives’ homes or at any religious event. However, it has always been surrounded by taboos and myths that subjected to social, religious and cultural restrictions. The freedom of women continues to be in the hands of dominant patriarchal discourse. Very few cultures across the world have acknowledged that menstruation is a natural phenomenon. With the evolution of these cultures, there has not been any significant change in people’s attitudes towards menstruation. Therefore, what remains are haunting questions like what effects do these taboos have on the overall development of women? Are menstruation taboos the cause of leading menstrual health problems in India?
Thus, to address such questions seminar aims to discuss menstruation related myths prevalent in India, their impact on women’s life, relevance of addressing these issues and measures that can be taken to combat them.

OBJECTIVE:
To provide a platform for stake holder like organizations working in the field of menstrual health on different level, researchers, practitioners, academicians, activists and policy makers to deliberate and discuss on what is required to build strategies and to address the constraints in inclusive practices towards Menstrual health for betterment of the society.

SUB-THEMES:

  1. Menstrual health and Hygiene management in India.
  2. Menstrual Education in young girls.
  3. Illogical taboos related to Menstruation in India.
  4. Impacts of myths related to Menstruation on Women’s life.
  5. Strategies to Combat Menstruation related myths.
  6. Access to Sanitary napkins in rural areas.
  7. Menstrual leave policy: A need of an hour.
  8. Effect of Patriarchal society on menstrual hygiene.
  9. Taboo, shame around Menstruation.
  10. Culture and Menstruation.
  11. Menstrual hygiene Education at school level.

REGISTRATION LINK- https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSflHPDHFdXaNc_UTYaiw6NXyzlkQkmkwzHDbOdKQIFAcY9yhg/viewform?usp=sf_link

IMPORTANT DATES:

Registration– 10th October, 2020 Seminar Date– 11th October, 2020

ORGANIZING COMMITTEE:
• Radhika Dhasmana
• Shreya Pandey
• Tayabba Parveen
• Sheeba Ansari
• Mohammadi
• Jagriti Joshi
• Sheeba

VIDHI SEVA EVAM SAMAJIK UTTHAN SAMITI CONTACT DETAILS:
• President – Mohammad Raashid Ali -6395670454
• Event Cordinator: Ms. Monica Negi -8755397477
• Convener: Ms. Srishti Tomar -9368971302
• Co- Convener: Ms. Priyanka sigh -7985207332
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