International Virtual Conference on” Misuse of Laws Against Men Contemporary Issues and Challenges”

Vidhi Seva Evam Samajik Utthan Samiti has organished an International Virtual Conference on ” misuse of Laws Against Men: Contemporary Issues and Challenges” on 19th and 20th November 2021 on the occasion of International Men’s Day.

Vidhi Seva would like to thanks all the members of organising committee for organising such an interesting and meaningful event with us and your presence and cooperation has turned out to be a
successful and highly stimulating event.The event was very knowledgeable.

Once again Vidhi Seva Evam Samajik Utthan Samiti wants to thank you for your support, guidence and organising in colleboration such a wonderful events with us.

Address by Chief Guest,
Hon’ble Mr Justice Rajesh Tandon ji.
Senior Advocate,
Supreme Court of India
Former Judge Uttarakhand High Court
Addressed by Guest of Honour
Smt. Vijaya Barthwal ji
Chairman, State Women Commission, Uttarakhand
Addressed by Guest of Honour
Mr. Rajesh Bahuguna ji
Dean/Principal, Law College Dehradun, Uttranchal University
Addressed by Expert
Dr. Huma Saeed ji
Gynecologist
Address by Special Guest
Mrs. Shashya Mishra Bajpai ji
Asst. Professor
Amity Law School
Amity University Lucknow
Address by Special Guest
Pallavi Pratap ji
Advocate on Record
Supreme Court of India
Address by Special Guest
Mrs. Suman Tomar ji
President
Thakurpur Federation
Women Development Organisation

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित आज के प्रथम ई-संगोष्ठी जिसमें उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग और महिला विकास संगठन के अंतर्गत ठाकुर्पूर महासंघ एवं जे0सी0आई0 भरतपुर रोशनी की सहभागिता द्वारा आयाजित किया गया है जिसका विषय “भारत में मासिक धर्म की बहस” था।
कार्यक्रम में मुख्य अथिति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता माननीय न्यायाधीश श्री राजेश टनडन जी, विशिष्ट अतिथि लॉ कॉलेज देहरादून के डीन डा0 राजेश बहुगुणा जी, महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजय बर्थ्वाल जी प्रवक्ता डॉ0 हुमा सइद जी, माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता पल्लवि प्रताप जी, अमिटी लॉ कॉलेज की सहायक प्रोफेसर श्रीमती शश्या मिश्रा बाजपाई जी तथा महिला विकास संगठन के अन्तर्गत ठाकुरपूर फेडरेशन की अध्यक्ष श्रीमती सुमन तोमर जी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए न्यायधीश राजेश टंडन जी ने श्लोक से की ‘सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित् दुख भाव्ये:’ जिसका अर्थ यह है कि समाज में सब सुखी रहें निरोगी रहें स्वस्थ रहें। इसके पश्चात डॉ हुमा जी ने विस्तारपूर्वक सभी श्रोताओ को चिकित्सक शब्दो में समझाया। अधिवक्ता पल्लवि जी ने कहा कि कानून में जब भी कोई सामाजिक मुद्दे को लेकर बदलाव हो तो समाज के हर वर्ग से राई लेनी चाहिये, शश्या जी ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के साथ सम्बंधित बताया और अखिर में सुमन तोमर जी ने लॉक डाउन के अंतर्गत उनके द्वारा विभिन्न कार्य से सभी को प्रेरित किया और साथ ही सभी को भविष्य में ऐसे कार्य कर जरुरतमंदो की मदद करने को भी कहा। कार्यक्रम की शुरुआत श्री मौहम्मद राशिद अली द्वारा संस्था को सभी के समक्ष परिचित करके की गयी और श्री दिव्यांशु नौटियाल जी के द्वारा कुछ शब्दों के साथ कार्यक्रम की समाप्ती की गयी। इसके अलावा प्रतिभागियो की समस्याओं को सुना तथा उनका विवरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संचालन कु0 मोनिका मेगी, कु0 तयब्बा परवीन तथा कु0 राधिका धस्माना के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली , उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, तय्यबा प्रवीन, राधिका धस्माना, सृष्टि तोमर, शिवानी थापा, आशुतोष लाम्बा, प्रियंका सिंह, मोहम्मदी, शिबा, रिथिक अगर्वाल आदि मौजूद रहे।

Ms. Soumi Chatterjee
Assistant Professor
Noida International University
Mrs. Simranjeet Kaur
Research Scholar
Dept. Of Law
Panjab University
Adv. Kushal Kumar
Founder
Erudite Legal Firm

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा पांचवां वेबिनार “पुरुषाधिकार के आंदोलन: एक व्यापक नीति की जरूरत” के विषय पर आयोजित कराया गया। कार्यक्रम में कुमारी सौमी चैटर्जी जी, सहायक प्रोफ़ेसर, नौएडा इंटरनैशनल विश्वविद्यालय, ने दहेज संबंधित कानूनों पर और कैसे आज के समाज में इनका दुरुपयोग हो रहा है, पर चर्चा करी; इनके पश्चात् श्रीमती सिमरनजीत कौर जी,शोध विद्यार्थी, विधि विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, ने यौन उत्पीडन संबंधित कानूनों पर चर्चा करी और इसके जरुरत समझाए के कैसे आज के समय में इसका उपयोग पुरुषों द्वारा अपने लिए करा जा सकता है; बाद में कार्यक्रम के अंतिम प्रवक्ता अधिवक्ता श्री कुशल कुमार जी, संस्थापक, ए्रयुडाइट लीगल, ने आज के बदलते समाज में भी पुरुषों को ही गलत मान जाना और महिलाओं को पीड़ित मान जाना, और अपनी राय देते कहा के नारिवाद का अधिकतम दुरुपयोग हो रहा है और क्यों लैंगिक समानता कानूनों की जरूरत है। कार्यक्रम का मध्यस्थ श्री मोहम्मद तासीर अली जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली, उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, राधिका धस्माना, तय्यबा प्रवीन, आशुतोष लाम्बा, फरहाद अंसारी, जागृति जोशी, मोहम्मदी, शीबा अंसारी, यशोदा कुमारी आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित चोथा वेबिनार, 2020

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा चोथा वेबिनार “प्रवासी मजदूरों पर विशेष ध्यान के साथ श्रम में भारत की अनौपचारिक्ता” के विषय पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुक्यव्यकता के तौर पर भोपाल के पुलिस प्रशिक्षण के केंद्रीय अकादमी के सहायक निर्देशक श्री प्रकाश बदोलिया जी, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता कु0 पल्लवि प्रताप जी, जिन्दल ग्लोबल लॉ स्कूल से सहायक प्रोफेसर कु0 नेहा मिश्रा जी मौजूद रहे। वेबिनार का केंद्र बिंदु रहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए कौन कौन से कानून बनाए हुए है और सरकार किस प्रकार से उनके लिए कदम उठा रही है। इसके अलावा प्रवक्ताओं द्वारा महिला मजदूरों के अधिकारो तथा भारत में श्रम बल के सामाजिक सुरक्षा और मानवाधिक अधिकारों पर अथवा किस प्रकार से श्रम कानून सुधार किया गया है और क्या क्या एसे सुधार होने चाहिये इस पर भी जानकारी दी गयी। इसके अलावा प्रतिभागियों की प्रश्न को सुना तथा मुख्यवक्ता द्वारा उनका विवरण भी किया गया। कार्यक्रम का मध्यस्थ श्री राशिद अली जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली, उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, राधिका धस्माना, तय्यबा प्रवीन, आशुतोष लाम्बा, शिवानी थापा, शिबा अंसारी, यशोदा कुमारी, मोहम्मदी आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित तृतीय वेबिनार, 2020

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा तीसरा वेबिनार “मानसिक स्वास्थ्य का अधिकार: एक बढ़ता हुआ मानव अधिकार न्यायशास्त्र” के विषय पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के तोर पर कु. स्वेथा दत्त, सह संस्थापक, प्राण फाऊंडेशन, कु. स्पन्दना कोम्मुरि, वरिष्ठ परामर्शदाता, प्राण फाऊंडेशन और कु. नीमरत कौर, सहेयक प्रोफेसर, ग्राफिक ऐरा हिल विश्वविद्यालय मौजूद रहे। कार्यक्रम में कुल 100 प्रतिभागियों नें हिस्सा लिया और प्रवक्ताओं को सुना। वेबिनार का केंद्र बिंदु रहा: कैसे मनुष्य मानसिक तनाव से झूझ रहा है और केसे मनुष्य इस मानसिक तनाव से लड़ सकते है ओर इससे होने वाले नुकसान से अपने आप को तथा अपने परिजनो को बचा सकते है। अगर देखा जाए तो शरीर के घाव को आसानी से ठीक किया जा सकता है परंतु दुसरी ओर मानसिक तनाव से हुए घाव को मनुष्य नज़रअंदाज कर देता है ओर फिर उससे होने वाले नुक्सान को नही रोक पाता। मुख्यवक्ता द्वारा यह भी सुझाव दिया गया कि अगर कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या मानसिक तोर पर होने वाली परेशानियो से झूझ रहा है तो उसे किसी सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए ओर मानसिक तनाव से लड़ना चाहिए। इसके अलावा कु. नीमरत कौर जी के द्वारा अपने मन पर नियन्त्रण रखने के लिए कुछ समय हमें ध्यान करने की सलाह दी और कार्यक्रम के चलते 15 मिनट सभी प्रतिभागियों को ध्यान करने हेतू प्रेरित किया उनके द्वारा बताया गया कि ध्यान करने से हम अपने मन और दिमाग दोनो पर नियन्त्रण रख सकते है और दिमाग में बुरे ख्याल को उत्पन होने से भी रोक सकते है। इसके अलावा प्रतिभागियों की समस्याओं को सुना तथा मुख्यवक्ता द्वारा उनका विवरण भी किया गया। कार्यक्रम का मध्यस्थ श्री दिव्यांशु नौटियाल जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली, उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, राधिका धस्माना, तय्यबा प्रवीन, आशुतोष लाम्बा, फरहाद अंसारी, जागृति जोशी, मोहम्मदी, शीबा अंसारी आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित द्वितीय वेबिनार, 2020

विधि सेवा एवं सामजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित दूसरा वेबिनार, 2020
विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा प्रथम वेबिनार ” कोवीड -19 और पर्यावरण के बीच परस्पर क्रिया” के विषय पर दिनाँक 17 जून, 2020 को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनिल जोशी जी, पद्मश्री ओर पद्मभूषण, संस्थापक, HESCO , नबीला सिद्दीक़ी रीसर्च- कम शिक्षण सहेयक धर्मशास्त्र , नेशनल लाॅ युनिवर्सिटी (एमपी) , तथा सौमी चैटर्जी जी, सहेयक प्रोफेसर लॉ नोएडा इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी मौजूद रहे। कार्यक्रम में 60 प्रतिभागियों नें हिस्सा लिया और प्रवक्ताओं को सुना। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ई -न्यायालय के चलते नेटवर्क की वजह से तथा पीढ़ी के अंतर की वजह से बहोत सी समस्याओं का सामना करना पड रहा है जिसके कारण वकील तथा न्यायाधीश को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उधर ई-शिक्षा के चलते छात्रों तथा अध्यापक को भी समस्याओ का सामना पड़ रहा है, जिसके कारण छात्रों को जो ज्ञान मिलना चाहिए वो नही मिल पा रहा है। इसके अलावा प्रतिभागियों की समस्याओं को सुना तथा उनका विवरण भी किया गया। कार्यक्रम का मध्यस्थ कुमारी राधिका धस्माना जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली , उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, तय्यबा प्रवीन, आशुतोष लाम्बा, अविरल सक्सेना, मोहम्मदी, शिबा अंसरी आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामजिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित प्रथम वेबिनार, 2020

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति द्वारा प्रथम वेबिनार “ई-न्यायालय पर वर्तमान तथा भविष्य में होने वाले मुद्दे और चुनौतियाँ” के विषय पर दिनाँक 07 जून, 2020 को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा मुख्यवक्ता न्यायाधीश श्री राजेश टनडन चैयर्मेन विधि आयोग उत्तराखंड, प्रक्ता श्री ललित बेल्वाल जी, अधिवक्ता तथा पुर्व अध्यक्ष उत्तराखंड बार अस्सोसिएशन उच्च न्यायालय तथा डॉ. अनिता यादव जी, सहेयक प्रोफेसर सी.एल.सी. दिल्ली विश्वविद्यालय मौजूद रहे। कार्यक्रम में 100 प्रतिभागियों नें हिस्सा लिया और प्रवक्ताओं को सुना। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ई -न्यायालय के चलते नेटवर्क की वजह से तथा पीढ़ी के अंतर की वजह से बहोत सी समस्याओं का सामना करना पड रहा है जिसके कारण वकील तथा न्यायाधीश को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उधर ई-शिक्षा के चलते छात्रों तथा अध्यापक को भी समस्याओ का सामना पड़ रहा है, जिसके कारण छात्रों को जो ज्ञान मिलना चाहिए वो नही मिल पा रहा है। इसके अलावा  प्रतिभागियों की समस्याओं को सुना तथा उनका विवरण भी किया गया। कार्यक्रम का मध्यस्थ कुमारी राधिका धस्माना जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद राशिद अली , उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, सचिव दिव्यांशु नौटियाल, कोषाध्यक्ष मोहम्मद तासीर अली, तय्यबा प्रवीन, आशुतोष लाम्बा, अविरल सक्सेना,  मोहम्मदी, शिबा अंसरी आदि मौजूद रहे।

विधि सेवा एवं सामाजिक उत्थान समिति ‘विधि आयोग उत्तराखंड’ के सहयोग से आयोजित प्रथम सम्मेलन दिनाँक 02 फरवरी 2020 को गोर्खली सुधार सभा मे आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्यवक्ता अथिति न्यायाधीश श्री राजेश टनडन चैयर्मेन विधि आयोग उत्तराखंड, प्रक्ता श्री विनोद नौटियाल जी (डिप्टी एडवोकेट जनरल, उच्च न्यायलय उत्तराखंड), श्री ललित बेल्वाल जी(पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन, उच्च न्यायालय उत्तराखंड) , श्री राजेश बहुगुणा जी(प्रधानाचार्य, लॉ कॉलेज देहरादून), श्री शुभम पुण्डीर जी(अधिवक्ता उच्च न्यायलय, दिल्ली), श्रीमती नेहा कुशवाहा मेहरा जी (सचिव, विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून), श्री मनमोहन कंड़वाल जी (अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, जिला न्यायलय देहरादून) मौजूद रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्री विनोद चंदोला जी, श्री ताहिर अली जी, श्री अकबर सिद्दीक़ी जी तथा श्री पदम सिंह थापा जी को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष राशिद अली, उपाध्यक्ष मोनिका नेगी, कोषाध्यक्ष तासीर अली, सचिव दिव्यांशु नौटियाल जी, राधिका धस्माना, आशुतोष लाम्बा, विश्वेन्दर प्रशाद, मयंक लाम्बा, अविरल सक्सेना, सृष्टि तोमर, प्रियंका पंवार, श्रेया पांडेय, तय्यबा परवीन, शीबा अंसारी, शिवानी, मोहम्मदी, जागृति जोशी, रिथ्हिक अग्गर्वल, हफिज़ूर रहमान आदि भी मौजूद रहे।